किस को आती है मसिहाई किसे आवाज़ दूँ – जोश मलीहाबादी शायरी

Read शायरी of किस को आती है मसिहाई किसे आवाज़ दूँ – जोश मलीहाबादी on e akhabaar, Translations and Full wording of किस को आती है मसिहाई किसे आवाज़ दूँ – जोश मलीहाबादी शायरी

जोश मलीहाबादी उर्दू साहित्य में उर्दू पर अधिपत्य और उर्दू व्याकरण के सर्वोत्तम उपयोग के लिए जाने जाते है. उनकी एक ग़ज़ल पढ़िए – “किस को आती है मसिहाई किसे आवाज़ दूँ “.

किस को आती है मसिहाई किसे आवाज़ दूँ

बोल ऐ ख़ूं ख़ार तनहाई किसे आवाज़ दूँ

चुप रहूँ तो हर नफ़स डसता है नागन की तरह

आह भरने में है रुसवाई किसे आवाज़ दूँ

उफ़्फ़ ख़ामोशी की ये आहें दिल को बरमाती हुई

उफ़्फ़ ये सन्नाटे की शेहनाई किसे आवाज़ दूँ

  • Listen to this beautiful ghazal in the voice of Jagjit Singh

    Jagjit Singh, born Jagmohan Singh Dhiman, was an Indian composer, singer, and musician known as “The Ghazal King” or “King of Ghazals.”

    “>Jagjit singh on – Youtube Music, Gaana.

Submit the Corrections in किस को आती है मसिहाई किसे आवाज़ दूँ – जोश मलीहाबादी शायरी at our page