डेंगू बुखार लक्षण उपाय और इलाज

डेंगू किसे कहा जाता है, इसकी क्या निशानियां है, इसका इलाज क्या है और डेंगू से कैसे बचा जाये

हर साल दुनिया में लगभग १० करोड़ लोग डेंगू की बीमारी के शिकार होते है भारत में भी इस साल डेंगू के करीब करीब उन्नीस हज़ार से भी ज्यादा केसेस दर्ज हुए है और कुछ ही दिनों पहले श्री लंका में डेंगू की एक खतरनाक लेहेर आयी है जिसमें तीन सौ से भी ज्यादा लोगों की मौत हुई है और करीब करीब इक्यासी हज़ार डेंगू के नए केसेस दर्ज हुए है तो दोस्तों डेंगू आखिर क्या बिमारी है ? डेंगू ये एक मच्छर के काटने से फैलनेवाला एक संक्रामक रोग है डेंगू ये एक वायरस से होने वाली बीमारी है जो डेंगू वायरस के चार प्रकारों में से किसी भी एक प्रकार के डेंगू वायरस से होता है जब कोई रोगी डेंगू के बुखार से ठीक हो जाता है, तब उस मरीज़ को उस एक प्रकार के डेंगू वायरस से लम्बे समय के लिए immunity मिल जाती है परन्तु अन्य तीन प्रकार के डेंगू वायरस से डेंगू का बुखार फिर से दोबारा हो सकता है दूसरी बार होने वाला डेंगू बुखार काफी गंभीर हो सकता है जिसे dengue hemorrhagic fever कहा जाता है

डेंगू का बुखार कैसे होता है ?

डेंगू हवा, पानी, साथ खाने या छूने से नहीं फैलता डेंगू संक्रमित infectious मादा जाती के aedes नामक मच्छर के काटने से होता है दोस्तों मच्छर से तो google भी परेशान है और उन्होंने एक अलग तरीके के मच्छर एक robot के द्वारा बनाए है, इस video की link description box में दी है तो दोस्तों अगर किसी व्यक्ति को डेंगू का बुखार है और उस व्यक्ति को यह मच्छर काट कर उसका खून पिता है तो उस मच्छर में डेंगू वायरस युक्त खून चला जाता है जब ये संक्रमित मच्छर किसी स्वस्थ व्यक्ति को काट लेता है तो डेंगू वायरस उस स्वस्थ व्यक्ति में चला जाता है aedes मच्छर की कुछ ख़ास विशेषताएं है ये मच्छर दिन में ज्यादा सक्रीय होते है इन मच्छर के शरीर पर चीते जैसी धारियां होती है ये मच्छर ठन्डे और छाव वाली जगहों पर और अँधेरे में रहना पसंद करते है घर के अंदर रखे हुए शांत पानी में प्रजनन या ब्रीडिंग करते है गटर या रास्ते के जमा खराब पानी में कम प्रजनन करते है पानी सुख जाने के बाद भी इनके अंडे बारह महीनो तक जीवित रह सकते है

डेंगू की बीमारी के लक्षण क्या है ?

संक्रमित infectious मच्छर के काटने के तीन से चौदह दिन बाद डेंगू की बीमारी के लक्षण दिखने शुरू होते है इन लक्षणों में तेज ठंडी लगना सरदर्द आँखों में दर्द बदन दर्द , जोड़ों में दर्द भूक कम लगना जी मचलना या उलटी दस्त लगना या loose motion चमड़ी के नीचे लाल चट्टे आना dengue hemorrhagic fever की गंभीर स्थिति में आंख, नाक में से खून भी निकल सकता है डेंगू की बीमारी का इलाज क्या है ? डेंगू का रोकथाम prevention ही इसका सबसे अच्छा बेहतर इलाज है डेंगू की विशेष दवा या vaccine नहीं है ये एक वायरस के वजह से हुआ रोग है इस लिए इसकी दवा निर्माण करना बेहद्द कठिन है डेंगू के इलाज चिकित्सा में लाक्षणिक चिकित्सा symptomatic treatment की जाती है डेंगू की बीमारी की कोई दवा नहीं है पर इस रोग से शरीर पर होने वाले side effects से बचने के लिए रोगी को डॉक्टर के सलाह अनुसार आराम करना चाहिए और समय पर दवा लेनी चाहिए रोगी को पर्याप्त मात्रा में आहार और पानी लेना चाहिए बुखार के लिए डॉक्टर की सलाह अनुसार paracetamol लेना चाहिए डेंगू बुखार में रोगी ने पर्याप्त मात्रा में पानी पीना सबसे ज्यादा आवश्यक है बुखार या सिरदर्द के लिए aspirin या brufen का उपयोग बिलकुल ना करें डॉक्टर की सलाह के अनुसार नियमित platelet count की जांच करना चाहिए दोस्तों एक बात ध्यान में रखिये, हमारी रोग प्रतिकारक शक्ति डेंगू की बीमारी से लड़ने के लिए सक्षम है, इसलिए हमें हमेशा योग्य संतुलित आहार और व्यायाम द्वारा रोग प्रतिकारक शक्ति को बढाने की कोशिश करनी चाहिए

डेंगू की बीमारी से बचाव कैसे करें ?

जैसे के मैंने पहले डेंगू का रोकथाम prevention ही इसका सबसे बेहतर इलाज है इस के आलावा आप और भी सावधानियां बरत सकते है घर के अंदर और आस पास पानी जमा न होने दें, कोई भी बर्तन में खुले में पानी न जमने दें अगर आप किसी बर्तन, ड्रम या बाल्टी में पानी भर कर रखते है तो उसे ढक कर रखे अगर किसी चीज़ में हमेशा पानी जमा कर रखते है तो पहले उसे साबुन और पानी से अच्छे से धो लेना चाहिए, जिससे मच्छर के अंडे को हटाया जा सकता है घर में कीटनाशक का छिड़काव करें कूलर का काम न होने पर उसमें जमा पानी नीकालकर सूखा कर दें किसी भी खुली जगह में जैसे की गड्डों में, गमले में या कचरे में पानी जमा न होने दें, और अगर पानी जमा है तो उसमें मिट्टी डाल दें खिड़की और दरवाजों में जाली लगाकर रखें, और शाम होने पर दरवाजे बंद कर दें ऐसे कपडे पहने जो पुरे शरीर को ढक सकें रात को सोते वक्त मच्छरदानी लगाकर सोए अन्य मच्छर विरोधी उपकरणों का इस्तेमाल करें जैसे की electric mosquito bat , repellent cream और sprays अगर बच्चे खुले में खेलने जाते है तो उनके शरीर पर mosquito repellent cream लगाएं और पूरा शरीर ढके ऐसे कपडे पहनाएं अगर अपने आस पास में अगर कोई डेंगू या मलेरिया के मरीज़ का पता चलता है तो इसकी जानकारी तुरंत स्वस्थ्य विभाग को दें, जिससे तुरंत मच्छर विरोधी उपाय किये जा सकते है डेंगू की बीमारी के ज्यादातर मरीज़ों की मृत्यु platelet या खून के अभाव में होती है, ऐसे में अगर उनको खून चढ़ाया जाए तो उनकी जान बच सकती है कई लोग डेंगू की बीमारी में platelet count बढ़ाने के लिए पपीते के पत्ते का रास पीने की सलाह देते है पपीते के पत्ते का रस पीने के बाद कई मरीज़ों में platelet count में सुधार होते हुए देखा गया है इसका कोई ठोस पुरवा नहीं है और ना कोई research हुआ है अब बाजार में पपीते के extract की दवा भी मिलती है जो की डॉक्टर जरुरत होने पर आपको लेने की सलाह दे सकते है