वायरल बुखार क्या है: वायरल बुखार के लक्षण और सावधानियां

वायरस के INFECTION से होने वाले बुखार को वायरल फीवर (Viral Fever) कहते वायरल फीवर के वायरस अपने शरीर में और ख़ास कर के हमारे गले में, HIBERNATE या सुप्त अवस्था में निष्क्रिय बन कर रहते है

आपको पता है viral Fever कैसे होता है?

जब भी आप ठंडा पानी पीते हो, जब भी आप कोई ठंडी चीज खाते हो जब भी वातावरण में थोड़ीसी भी फेरबदल हो जाती है तब आपके गले का MUCOUS MEMBRANE जी है दोस्तों आपके गले की जो नाजुक चमड़ी है वो IRRITATE हो जाती है, IRRITATE हो जाने की वजह से वो EXPOSE हो जाता है VIRUS के ATTACK के लिए इस तरह से दोस्तों Flu के VIRUS Viral Fever के VIRUS आपको ATTACK करते है और आपको Viral Fever हो जाता है ये इस पे भी depend करता है की आपकी IMMUNE SYSTEM या रोग प्रतिकारक शक्ति कैसी है अगर आपकी रोग प्रतिकारक शक्ति या IMMUNE SYSTEM थोडीसी वीक है तो आपको तुरंत हो सकता है

आखिर ये Viral Fever है क्या??

Viral Fever ये एक ऐसे बीमारी है जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में बहुत आसानी तथा बड़ी तेजी से पहुँचती है। दोस्तों इसके जो Germs है वो साँस द्वारा जी हा दोस्तों breath द्वारा, Breathing द्वारा एक से दूसरे में पोहचते है दोस्तों Viral Fever फैलने के बाद Flu जो होता है, Viral Fever जो होता है वो एक-दो दिन या फिरकभी-कभी कुछ घंटों में पूरी तरह से ACTIVE हो जाता है। और आप Down with fever हो जाते हो दोस्तों खास करके Viral Fever जब बच्चो में होता है तो बहोत ही ज्यादा परेशानी होती है पहला कारण तो इस लिए क्युकी उनका IMMUNE SYSTEM थोडासा कमजोर होता है वो थोड़े शारीरिकरूप से वीक होते है Viral Fever की वजह से वो एकदम lethargic या फिर एकदम सुस्त पड़ जाते है एकदम ढीले पड़ जाते है, बार बार वो रोने लगते है, चिड़चिड़ा स्वाभाव हो जाता है ये दोस्तों अक्सर इस लिए होता है क्युके बच्चोको साँस लेने में कठिनाई होती है और साथ साथ उलटी और loose motion भी होने लगते है दोस्तों इसके अलावा बच्चो में निमोनिया, LARYNGITIS इस का मतलब गले का INFECTION और कान में INFECTION हो सकता है जिसकी वजह से बच्चों को खांसी और कान का दर्द होने लगता है और अगर बच्चे को पहले से कोई बिमारी हो, जैसे के TB, या ऐसी कोई खतरनाक बीमारी, या फिर वो जस्ट ठीक हुआ हो या फिर treatment चल रही हो तो दोस्तों ऐसे condition में VIRAL FEVER की बिमारी और भी ज्यादा खतरनाक रूप ले सकती है

VIRAL FEVER के symptoms क्या होते है?

VIRAL FEVER में आँखें लाल हो जाती है body में बुखार आ जाता है, अक्सर body का तापमान 101 डिग्री से 103 डिग्री Faranheit तक हो जाता है खांसी और जुकाम हो जाता है, जोड़ों में दर्द हो जाता है कभी कभी बुज़ुर्गोंमें या फिर कभी कभी कमजोर लोगोमे जोड़ो में सूजन भी आ जाती है और दोस्तों बहोत सारी थकान हो जाती है गले में दर्द होता है, नाक बहने लगती है बदन दर्द होने लगता है, भूख भी नहीं लगती और अक्सर दोस्तों लेटने के बाद आपको उठाने का बिलकुल मन नहीं करता हरदम सर भरी रहता है, सर में दर्द होता है दोस्तों ये VIRAL FEVER का main reason ये है की आपके शरीर की रोग प्रतिकारक शक्ति कमजोर हो गयी है जी हा दोस्तों आपका IMMUNE SYSTEM वीक हो जाता है उस वक़्त VIRUS ATTACK करता है

VIRAL FEVER का इलाज क्या है?

VIRAL FEVER अक्सर एक सामान्य बुखार के जैसा ही लगता है इस लिए बुखार होने पर आपको हमेशा डॉक्टर के पास जाना चाहिए क्युके डॉक्टर ये पता लगा सकता है की आपको सचमे VIRAL FEVER है या कोई और बीमारी है दोस्तों अगर आपको confirm है की आपको VIRAL FEVER ही हुआ है तो आप घर बैठे थोड़े कुछ उपाय कर सकते हो जैसे की अगर बुखार 102 डिग्री तक है और कोई और खतरनाक लक्षण नहीं हैं तो मरीज की देखभाल घर पर ही कर सकते हैं। मरीज के शरीर पर सामान्य पानी की पट्टियां रख सकते हो पट्टीयो को दोस्तों तब तक रखना चाहिए , जब तक शरीर का तापमान कम न हो जाए। पट्टी रखने के बाद वह गरम हो जाती है इसलिए उसे सिर्फ 1 मिनट तक ही रखना चाहिए । अक्सर VIRAL FEVER में सिर्फ सर गरम नहीं लेकिन पूरी body गरम हो जाती है ऐसे condition में दोस्तों आप ऐसा कर सकते है की नॉर्मल पानी में कपड़ा भिगोकर निचोड़ें और उससे पूरे शरीर को पोछ दे । इससे ये help हो सकती है की body का तापमान कम हो जाये और शायद normal बन जाये दोस्तों adult में आप हर छह घंटे में पैरासिटामॉल (Paracetamol) की एक गोली आप ले सकते हो या मरीज को दे सकते हो लेकिन दोस्तों एक बात आप ध्यान रखिये दूसरी कोई भी गोली सिवाय पैरासिटामॉल (Paracetamol) के अगर आप देना चाहो तो Please आप डॉक्टर की सलाह लीजिये डॉक्टर की सलाह के बिना पैरासिटामॉल (Paracetamol) के आलावा और कोई भी गोली आप VIRAL FEVER में मत दीजिये अगर थोड़े बड़े बच्चे हो जैसे के ३ साल, ४ साल के बच्चे हो तो उनमे आप १० मिली ग्राम जी हा दोस्तों १० मिली ग्राम पैरासिटामॉल (Paracetamol) per KG Of Body Weight के hisabh se pila सकते हो लेकिन दोस्तों एक बात ध्यान रखिये चाहे वो adult हो या फिर वो बच्चे हो अगर दो दिन तक बुखार ठीक न हो जाये तो मरीज को तुरंत और तुरंत डॉक्टर के पास ले जाना चाहिए दोस्तों आपको या फिर आपके घर में किसी को अगर VIRAL FEVER हो जाये तो साफ – सफाई का पूरा ख्याल रखिये दोस्तों मरीज को वायरल FEVER है, तो उससे थोड़ी दूरी बनाए रखें और रोगी के द्वारा इस्तेमाल की गई चीजें Please आप इस्तेमाल न करें। दोस्तों मरीज को पूरी तरह से आराम करने दें खासकर के उसे तेज बुखार है तो आराम भी बुखार में इलाज का काम करता है। दोस्तों एक छोटी सी बात में आपको बताना चाहती हूँ दोस्तों बुखार क्यों होता है?? दोस्तों बुखार क्या है?? दोस्तों बुखार एक बॉडी का इस तरह का normal mechanism है जो बहरी रूप से हमको ये बता रहा है के body infection से, किसी भी तरह के infection से वो fight कर रहा है दोस्तों इसके लिए आपकी body गरम हो जाती है और आपको बुखार आ जाता है तो ऐसे में आपने अपने बॉडी को पूरी तरह सेआराम देना चाहिए , Rest लेना चाहिए दोस्तों आपको अगर VIRAL FEVER हुआ है और अगर आपके घर में किसीको VIRAL FEVER हुआ है तो Please छींकने से पहले नाक और मुंह पर रुमाल रखिये या फिर एक tissue रखिये इससे दोस्तों ये हो सकता है की दुसरो को VIRAL FEVER ना हो

VIRAL FEVER में आप चाहे कितने भी Antibiotics लो आपको कोई फार नहीं पड़ने वाला अगर आप Antibiotics ले रहे हो तो उसे तुरंत ही बंद कर दीजिये VIRAL FEVER एक VIRUS की वजह से होता है और Antibiotics Bacteria को मारने के लिए होता है VIRAL FEVER का जो इलाज है वो उसके symptoms यानि लक्षणों के हिसाब से किया जाता है और इसके दौरान जब VIRAL FEVER आपको हुआ है आपके घर में किसीको हुआ है इस दौरान आपको ये ध्यान रखना चाहिए की बच्चे को या फिर adult को पानी दीजिये dehydrated मत होने दीजिये , इसमें अगर कोई adult है जिसको Diabetes नहीं है उसमे आप ग्लूकोज का पानी या फिर इलेक्ट्रोलाइट का पानी आप दे सकते हो और एक चीज का आप जरूर ध्यान रखिये खुप सारा पानी पीजिये