सुनिए सब पे दया लुटाते है दिलदार सांवरे भजन लिरिक्स

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सब पे दया लुटाते है,
दिलदार सांवरे।

दोहा – खाटू नरेश श्री श्याम धणी के,
दर पे जो शीश झुकायेगा,
शीश के दानी वरदानी से,
मन चाहा फल पायेगा।



सेठों के सेठ कहाते है,

सरकार सांवरे,
सब पे दया लुटाते है,
दिलदार सांवरे,
मेरे यार सांवरे,
दिलदार सांवरे,
हारे का साथ निभाते है,
सरकार सांवरे,
दुखियों के कष्ट मिटाते है,
दिलदार सांवरे,
मेरे यार सांवरे,
दिलदार सांवरे।।



कोई सवाली गया ना खाली,

दर से लखदातार के,
जो मांगो वो मिल जाता है,
झोली यहाँ पसार के,
सबकी आस पुराते है,
सरकार सांवरे,
मायूस नहीं लौटाते है,
दिलदार सांवरे,
मेरे यार सांवरे,
दिलदार सांवरे।।



जिनका सहारा कोई नहीं,

ये उनका सहारा बनते है,
भक्तो की राहों के कांटे,
पलकों से ये चुनते है,
सोये भाग्य जगाते है,
सरकार सांवरे,
हारे को जीत दिलाते है,
दिलदार सांवरे,
मेरे यार सांवरे,
दिलदार सांवरे।।



बाबा के चरणों में जो भी,

श्रद्धा पुष्प चढ़ाते है,
खीर चूरमा पेड़ा बर्फी का,
जो भोग लगाते है,
उनको दरस दिखाते है,
सरकार सांवरे,
ग्यारस पे खाटू बुलाते है,
सरकार सांवरे,
मेरे यार सांवरे,
दिलदार सांवरे।।



सेठों के सेठ कहाते है,

सरकार सांवरे,
सब पे दया लुटाते हैं,
दिलदार सांवरे,
मेरे यार सांवरे,
दिलदार सांवरे,
हारे का साथ निभाते है,
सरकार सांवरे,
दुखियों के कष्ट मिटाते है,
दिलदार सांवरे,
मेरे यार सांवरे,
दिलदार सांवरे।।

Singer – Deepti Agarwal


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