सोनोग्राफी, अल्ट्रासाउंड: Difference between Sonography and UltraSound in Hindi

आपको पेट में दर्द हो रहा हो, या फिर आपको अभी अभी पता चला आप Pregnant हो से में आप डॉक्टर के पास जाते हो डॉक्टर आपको लिख कर देता है Sonography कराओ तो आखिर ये Sonography है क्या?? और ये Sonography Xray , MRI Scan , CT Scan इन सब से कैसे अलग है ??

SOUND WAVES को Use करके SOUND WAVES पर आधारित एक IMAGING TECHNIQUE है ये SONOGRAPHY, अक्सर Diagnosis के लिए बहोत commonly Use होता है पहली बात तो इसलिए के इसमें किसी भी तरह के side effect है और ये काफी Economical , या फिर काफी सस्ता है compare to दूसरी सब जाँच जैसे आप जानते होंगे की Xray में X -RAY इस्तेमाल होता है जिसमे कभी कभी Radiation का खतरा हो सकता है इसी लिए PREGNANCY में अक्सर Xray use नहीं होते क्युकी बच्चे को Radiation की वजह से तकलीफ हो सकती है दूसरा है CT SCAN जो काफी मेहंगा है और तीसरा है MRI SCAN , ये सब जो Diagnostic Tools है वो बहोत ज्यादा मेहँगे होते है ऐसे में SONOGRAPHY एक ऐसा procedure है, एक ऐसी IMAGING TECHNIQUE है जो बहोत Economical है और बहोत Easily हो जाती है

और Best Part ये है SONOGRAPHY का के इसका कोई भी side effect नहीं है जैसे की मैंने आपसे पहले कहा था तो Sonography या फिर Ultrasound एक सामान्य जांच है, जिसमें शरीर के सभी हिस्सों को देखने के लिए SOUND WAVES का इस्तेमाल किया जाता है। यह SOUND WAVES हमें सुनाई नहीं देती, क्योंकि ये SOUND WAVES 20 Kilo HERTZ से ऊपर होती है लेकिन अल्ट्रासाउंड मशीन के साथ जुड़ी हुई स्क्रीन पर तस्वीर देखी जा सकती है। इस तरह से होता है Ultrasound IMAGING mostly Ultrasound IMAGING का इस्तेमाल PREGNANCY के दौरान DELIVERY के सही समय का अनुमान लगाने के लिए किया जाता है। इसके आलावा PREGNANCY के दौरान पेट में बढ़ता हुआ बच्चा , बच्चे की स्थिति के बारे में जानकारी लेने के लिए भी Ultrasound का इस्तेमाल किया जाता है PREGNANCY के आलावा Ultrasound का इस्तेमाल Liver जाँचने के लिए, GALL BLADDER , या पित्ताशय का जाँच करने के लिए INTESTINES, या आंतड़ियो के लिए , गर्भाशय और अंडाशय की जाँच करने के लिए URINARY BLADDER के लिए , इतना ही नहीं ULTRASOUND का इस्तेमाल आँखों के लिए, THYROID के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है बहोत ही अच्छा प्रयोग किया जा रह है BREAST CANCER में जी हा अक्सर अगर BREAST या स्तन में गाँठ महसूस हो तो Doctors SONOGRAPHY करवाने को कह सकते है SONOGRAPHY से ये पता चलता है की ये गांठ SOLID है या नरम है में आपको एक जानकारी देना चाहूंगी की अगर किसीभी तरह की स्तन में गांठ हो और वो कड़क लगे या फिर SOLID लगे तो हो सकता है की ये CANCER की गांठ हो और अगर वो गांठ नरम लगे तो हो सकता है ये एक Cyst या फिर एक पकी हुई गांठ हो जिसको पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है

तो इस तरह Sonography काफी Useful होता है जिससे कई बार जान भी बच जाती है, कई बार Ladies को टेंशन हो जाता है की शायद मुझे CANCER है या नहीं है?? तो ऐसे में सिर्फ Sonography करवाने से उनका टेंशन दूर हो जाता है लेकिन ये जाँच सिर्फ महिलाओं तक ही सिमित नहीं है लेकिन पुरषोंमे भी इसका काफी Use होता है Sonography का ख़ास करके अगर किसीको HERNIA हुआ हो तो ऐसे में Sonography की मदद से पता चल जाता है की ये HERNIA कितना बढ़ा हुआ है, कितना extent है इसका क्या ये किसी भी तरह का बाहरी Band या फिर किसीभी तरह के Belt से ठीक हो सकता है या फिर इसको Operation की जरुरत है तो ये बातो का बता चलाया जा सकता है अगर Sonography की जाये हाल ही में Ultrasound को ना सिर्फ Diagnosis के लिए बल्कि एक Treatment में मदद के लिए भी इस्तेमाल किया जा रहा है Infertility में यानि बांझपन के इलाज के लिए , या फिर Diagnosis के लिए , या फिर कह सकते है की इलाज में Help करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है इसको कहा जाता है

Follicular Study Sonography से ये भी पता चल सकता है की Body की धमनियों में या फिर BLOOD VESSLES में या फिर खून की नसोमे कही पे भी BLOCKAGE है या नहीं Doppler Ultrasound में TISSUES और BLOOD VESSLES या फिर खून की नसों की स्थिति की जाँच कर सकते है Doppler Ultrasound कराने से खून की नसों में खून का दबाव कितना है या फिर PRESSURE कितना है ये जानकारी मिल सकती है Obstetric Ultrasound में , ज्यादा तर इस लिए इस्तेमाल होता है की, DELIVERY की DATE जानने के लिए हाल ही में 3D और 4D Ultrasound निकला है market में तो 3D और 4D Ultrasound, अल्ट्रासाउंड को अधिक POWERFUL और ACCURATE बना देता है। 3डी अल्ट्रासाउंड में जहां शरीर के अंगों और विशेषकर गर्भ में पल रहे बच्चे की 3 डी तस्वीर सामने आती हैं वहीं 4 डी तकनीक में यह तस्वीरें , तस्वीर ना होकर एक 3 DIMENSIONAL MOVIE की तरह आप देख सकते हो अगला प्रकार है Ultrasound का Echocardiogram इसमें ये होता है की HEART का अल्ट्रासाउंड किया जाता है। HEART के अल्ट्रासाउंड में ये पता लगाया जा सकता है की HEART को पर्याप्त मात्रा में blood circulation मिल रहा है के नहीं मिल रहा है HEART में Blood का pumping ठीक तरह से हो रहा है की नहीं हो रहा है और HEART बराबर function कर रहा है की नहीं दूसरा जो Case है , जिसमे Sonography को थोड़ी बहोत Treatment के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है और वो है FNAC या फिर Fine needle aspiration cytology ऐसे आसान शब्दोमे कहा जाये की किसी भी तरह की Biopsy निकालने के लिए Sonography करते समय किस तरह से किया जाता है?? तो ऐसे में Sonography करने के वक़त कभी कभी patient को एक surgical gown दिया जाता है जो मरीज को पेहेनना होता है, जिससे Sonography करने में आसानी होती है दूसरा ये होता है के शरीर के प्रभावित हिस्से पर या फिर जिस हिस्से की Sonography निकालनी हो उस पर जेल लगाया जाता है और एक वांड यानी जॉय स्टिक को जेल पर घुमाया जाता है तो ये जॉय स्टिक इस तरह से काम करता है की वो शरीर के आंतरिक भाग की तस्वीरों को दिखाने में मदद करता है। दूसरी बात ये है की इसमें बहोत ज्यादा पूर्व तैयारीनहीं लगती डॉक्टर आपको कह सकते है की खली पेट आइये या फिर खुप सारा पानी पीके आइये लेकिन इसके अलावा और किसी भी तरह की पूर्व तैयारी नहीं लगती तो

आप ये सोच रहे होंगे की Sonography का क्या खर्चा आता है तो में आपको ये बताना चाहूंगी के Basic Sonography आपको Rs.800/- तक की हो जाती है Basic Sonography का मतलब ये है के Normal kidney की Sonography करनी हो या फिर GALL BLADDER की Sonography करानी हो इसमें ये भी शामिल होता है की Obstetric Sonography जिसमे pregnancy के दौरान जो Sonography की जाती है वो भी Rs.800/- तक की होती है special Sonography जैसे की Follicular Study के लिए की जानेवाली Sonography ख़ास करके Infertility , बांझपन के लिए की जाती है इसमें single sitting में sonography नहीं होती लेकिन कई चार या पांच बार आपको sonography के लिए जाना पड़ता है ऐसे में पूरा खर्चा कम से कम Rs.4500/- से ले कर Rs.6000/- तक का हो सकता है और special Sonography जैसे की Doppler Sonography Echocardiogram , इसमें २०००/- से ले कर ६०००/- तक का खर्चा आ सकता है तो ये थी संक्षिप्त में जानकारी Ultra Sonography के बारे में