Japanese Encephalitis क्या होता है | Encephalitis का इलाज, लक्षण, कारण

JAPANESE ENCEPHALITIS यानि दिमागी बुखार ये क्या बीमारी है?? किस से होती है ?? और इससे कैसे बचा जाये ??

JAPANESE ENCEPHALITIS VIRUS से होता है जापानी एनसिफेलिटिस VIRUS से INFECTED मच्छरों के काटने से होता है। जापानी एनसेफेलाइटिस VIRUS से INFECTED पालतू सूअर और जंगली पक्षियों के काटने पर मच्छर INFECTED हो जाते है। और जब यह इंफेक्टेड मच्छर किसी मनुष्य को काटता है तो उसके BLOOD CIRCULATION में JAPANESE ENCEPHALITIS वायरस चले जाते हैं इसकी वजह से दोस्तों JAPANESE ENCEPHALITIS हो जाता है अक्सर JAPANESE ENCEPHALITIS को दिमागी बुखार के तोर पे भी जाना जाता है दो

दिमागी बुखार या JAPANESE ENCEPHALITIS FEVER के लक्षण है

इंफेक्शन में सिरदर्द के साथ बुखार होता है जब ये INFECTION ज्यादा हो जाये …जब ये INFECTION फ़ैल जाये और serious Case में दोस्तों सिरदर्द, तेज बुखार, गर्दन में अकड़न, या NECK STIFFNESS , घबराहट, और अक्सर कोमा में चले जाते है Patient दोस्तों इसके साथ साथ उनको होती है SHIVERING और कभी-कभी ऐंठन या या CONVULSIONS होता है ये CONVULSIONS खास करके छोटे बच्चों में देखा जाता है दोस्तों अक्सर दिमाग में OXYGEN ना मिलने की वजह से मौत भी हो सकती है । JAPANESE ENCEPHALITIS बीमारी या JAPANESE ENCEPHALITIS FEVER या दिमागी बुखार का DURATION या कालावधि अक्सर 5 से 15 दिन का होती है। लेकिन दोस्तों आपको में ये बताना चाहूंगी इसमें MORTALITY RATE करीब करीब 60 प्रतिशत की होती है उससे इसका मतलब ये हुआ जो लोग JAPANESE ENCEPHALITIS बीमारी से INFECTED है पीड़ित है उनमे करीब करीब साठ प्रतिशक लोगों में मौत हो जाती है दोस्तों JAPANESE ENCEPHALITIS FEVER का कोई भी इलाज नहीं दोस्तों इस बीमारी के सिर्फ लक्षणों का इलाज किया जा सकता है सिर्फ Symptomatic treatment दिया जा सकता है ताकि शायद Patient की या मरीज की जान बच जाये

JAPANESE ENCEPHALITIS FEVER VACCINATION करवा सकते हो । भारत में JENVAC नामक वैक्सीन उपलब्ध है ये वैक्सीन करीब करीब १००० से १२०० रुपये की मिल जाती है । इस बिमारी से बचने के लिए आप और भी उपाय कर सकते हो जैसे अपने आस पास का AREA CLEAN रखिये साफ रखिये दोस्तों मच्छरों से प्ल्ज़ बचिए आप अपने बच्चो को या फिर अपने आप पर MOSQUITO REPELLANT CREAMS का उपयोग कीजिये और सोते समय मच्चर दानी का इस्तेमाल कीजिये।