HIV AIDS एचआईवी एड्स क्या हैं? एचआईवी एड्स लक्षण, कारण

ये AIDS बीमारी कैसे होती है? ये बीमारी कोनसे VIRUS की वजह से होती है? इस बीमारी से बचने के लिए हम क्या क्या उपाय करे? इस बीमारी को Diagnose करने के लिए क्या क्या उपाय Available है? और हम इससे किस तरह से बचे??

HIV एक आधुनिक युग का एक बहुत ही गंभीर और जानलेवा रोग है AIDS का FULL FORM है ACQUIRED DEFICIENCY SYNDROME यानी ऐसी बीमारी जो रोगप्रतिकारक शक्ति या फिर RESISTANCE POWER कम कर के लक्षण देता है इस रोग में व्यक्ति अपनी प्राकृतिक रोगप्रतिकारक शक्ति या RESISTANCE POWER खो देता है और इसके कारण अवसरवादी INFECTIONS यानि के अगर उसको English में कहा जाये तो OPPORTUNISTIC INFECTIONS जैसे की सर्दी-खांसी TB इत्यादि रोग आसानी से हो जाते है और उनका इलाज करना भी काफी कठिन हो जाता है

तो AIDS जो रोग है वो HIV VIRUS के INFECTION से होता है HIV का FULL FORM है HUMAN IMMUNODEFICIENCY VIRUS यानि एक ऐसा VIRUS एक ऐसा जंतु जो रोगप्रतिकारक शक्ती कम कर देता है HIV INFECTION होने के बाद AIDS की स्थिति तक पहुंचने में और लक्षण दिखने में करीब करीब 8 से 10 साल या फिर उससे भी ज्यादा समय लगने के कारण कई सालों तक वो रोगी को पता ही नहीं चलता कि उसको आखिर हुआ क्या है

जैसे के मैंने आपको बताया की AIDS होता है VIRUS की वजह से तो ये VIRUS क्या चीज होती है? बहोत बार डॉक्टर्स को ये शक हो जाता है की ये patient को शायद HIV VIRUS का INFECTION है और उसकी जाँच पड़ताल की जाती है दोस्तों AIDS एक प्रकार का रोग है जो होता है HIV VIRUS के INFECTION की वजह से तो दोस्तों HIV INFECTED व्यक्ति जो HIV POSITIVE हो या ना हो और जिस में HIV के लक्षण नहीं देख रहे हैं , ऐसे HIV INFECTED व्यक्ति के खून, वीर्य या फिर semen ,योनिक पानी यानि की vaginal fluid और मां के दूध से HIV INFECTION होने से AIDS का रोग हो सकता है आमतौर पर लोगो को लगता है HIV POSITIVE होने का मतलब उस व्यक्ति को aids है ये समझने लगते हैं लेकिन ऐसा नहीं है HIV POSITIVE होने के बाद 8 से 10 साल में पीड़ित की रोगप्रतिकारक शक्ति क्षीण हो जाती है मतलब पूरी तरह से ख़तम हो जाती है और वह अन्य मौकापरस्त रोगों से ग्रस्त हो जाता है इस स्थिति को AIDS कहा जाता है

किस प्रकार से एचआईवी एड्स का infection हो सकता है

Infected व्यक्ति से असुरक्षित यौन संबंध या sex करने से AIDS फैलता है अगर मुंह में छाले या मसूड़ों से खून बह रहा हो तब भी infection फैल सकता है एड्स से ग्रस्त रोगी पर प्रयोग किए हुए injection को दूसरे व्यक्ति के शरीर में लगाने से भी AIDS होता है एड्स infected खून प्राप्त करने से या फिर blood transfusion लेने से भी AIDS होता है दाढ़ी करते समय टैटू लगाते समय और शरीर में कोई छेद करते समय उपयोग में लिए जाने वाले सुई blade इत्यादि सामग्री से भी AIDS होता है

HIV VIRUS से infected होने पर किस प्रकार से HIV INFECTION नहीं फैल सकता

एड्स रोग से ग्रस्त रोगी से हाथ मिलाने से चूमने से या कस्कर पकड़ ने से AIDS नहीं होता एड्स रोग से ग्रस्त रोगी के साथ रहने या खाना खाने से AIDS नहीं होता छींकने से या खांसने से मच्छर के काटने से आंसू या थूकने से aids फैलने का कोई लिखित प्रमाण नहीं है आपने सही सुना मच्छर के काटने से भी AIDS नहीं होता

एचआईवी एड्स के क्या लक्षण हो सकते है?

दोस्तों उसमे पहला है अत्यधिक वजन का कम होना अधिक समय तक सुखी खांसी आना बार बार बुखार आना लसीका ग्रंथियों या glands में सूजन आना एक हफ्ते से अधिक समय तक पतले दस्त होना बार बार fungal infection होना रात को पसीना आना चमड़ी के नीचे मुंह पलकों के नीचे या नाक में लाल भूरे बैंगनी या गुलाबी रंग के धब्बे होना याददाश्त कम होना या फिर शरीर में हमेशा दर्द रहना ये सब symptoms …. ऐसे कोई symptoms अगर किसी को हो तो डॉक्टर्स को हमेश शक होता है की शायद इसको HIV VIRUS ने infect कर लिया है और उस वक़्त वो लोग जाँच करते है एड्स का अभी तक कोई इलाज नहीं है AIDS से बचने के लिए सबसे बड़ा और सबसे सरल उपाय ये है की AIDS का Prevention होना चाहिए तो दोस्तों AIDS का Prevention कैसे करे वो हम देखेंगे और अगर किसीको AIDS का infection है तो वो किस तरह से diagnosis किया जाये?? क्युकी AIDS के Treatment में दोस्तों diagnosis एक बहोत Important Part है क्यों के जल्दी पता चल जाये इस person को AIDS है तो उसका treatment भी वो start कर सकते है तो AIDS का diagnosis कैसे करे? तो दोस्तों एड्स के निदान या diagnosis करने हेतु से विविध जांच की जाती है दोस्तों उसमे पहली बात ये है की HIV diagnosis करने के लिए HIV की खून जांच की जाती है दोस्तों शरीर में HIV का infection होने के बाद शरीर की रोग प्रतिकार शक्ती के जवाब में HIV antibodies का निर्माण करती है यह antibodies शरीर में निर्माण होने पर व्यक्ति को HIV POSITIVE कहा जाता है HIV का infection होने के बाद शरीर में hiv antibodies निर्माण होने के लिए , एक से 2 हफ्ते या 6 महीने तक का समय लगता है और इस समय को window period कहा जाता है HIV virus शरीर में मौजूद होने के बावजूद इस काला विधि में पीड़ित की खून जांच normal या false negative आ सकती है और पीड़ित दूसरों को HIV फैला सकता है दोस्तों दूसरा TEST है….. HIV antigen test शरीर में hiv का infection होने के बाद antibodies तैयार होने में काफी वक्त लगता है परंतु antigen जल्दी तैयार हो जाते हैं HIV antigen test से HIV का infection होने के कुछ दिनों में ही diagnosis हो सकता है और तुरंत उपचार एवं अन्य व्यक्तियों में फैला होने से रोका जा सकता है दोस्तों हमारा अगला TEST है …. CD 4 COUNT CD 4 CELLS को HELPER T CELLS भी कहा जाता है दोस्तों यह हमारे रोग प्रतिकार शक्ती के महत्वपूर्ण अंग है सामान्य स्वस्थ व्यक्ति में दोस्तों CD 4 CELLS की संख्या संख्या 500 से 1500 प्रति मिलीलीटर होती है दोस्तों जब CD 4 CELLS की संख्या 200 प्रति मिलीलीटर से कम आने पर aids का DIAGNOSIS किया जाता है दोस्तों हमारा चौथा TEST है ये है जिसका नाम है ….. ELIZA TEST एड्स के DIAGNOSIS करने हेतु ELISA TEST की जाती है HIV INFECTION होने के शुरूआती 3 हफ्ते से ले कर 6 महीने के WINDOW PERIOD में यह TEST FALSE NEGATIVE भी आ सकती है दोस्तों हमारा पांचवा TEST है …. SALIVA TEST एक COTTON BUD पर मुंह के अंदर से थूक या SALIVA का SAMPLE लेकर LABORATORY जांच की जाती है यह जांच POSITIVE आने पर CONFIRMATION के लिए अन्य ब्लड टेस्ट किए जाते हैं दोस्तों और एक दूसरा TEST है जिसको कहा जाता है …. VIRAL LOAD TEST दोस्तों इस जांच में खून में HIV VIRUS के प्रमाण की जांच की जाती है यह जांच DIAGNOSIS और TREATMENT के दौरान पीड़ित के सुधार के अंदाज़ा लगाने में बहोत जरुरी है

एचआईवी AIDS का क्या उपचार है

Sorry to say AIDS का कोई उपचार नहीं है और AIDS का कोई vaccine भी नहीं है बहोत सारे scientist इसकी खोज कर रहे है