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RBSE Class 9 English Gems of Fiction Chapter 7 Under the Banyan Tree Textual questions

Comprehension

(A) Tick the correct alternative :

Question 1.
The village Somal had a population of
(a) less than three hundred
(b) less than three thousand
(c) less than two hundred
(d) less than five hundred.
Answer:
(a) less than three hundred

Question 2.
Nambi lived in a
(a) palace
(b) little temple
(c) beautiful house
(d) hut
Answer:
(b) little temple

Question 3.
Mari, mentioned in the story ‘Under the Banyan Tree’ is a
(a) blacksmith
(b) merchant
(c) bureaucrat
(d) teacher
Answer:
(a) blacksmith

(B) Answer the following questions in about 10-15 words each :

Question 1.
Why does R.K. Narayan call Nambi an ‘enchanter’?
और के नारायण नामभी को जादूगर क्यों कहते है?
Answer:
Narayan calls Nambi an ‘enchanter’ because he enchants the whole village by telling stories.
नारायण नाम्बी को जादूगर इसलिए कहते हैं क्योंकि वह कहानियाँ सुनाकर सारे गाँव को आकर्षित करता है।

Question 2.
Why does Nambi stop telling stories at the end?
अन्त में नाम्बी कहानियाँ सुनाना क्यों बन्द कर देता है?
Answer:
Nambi stops telling stories because due to his old age his words and memory fail.
नाम्बी कहानियाँ सुनाना बंद कर देता है क्योंकि वृद्धावस्था के कारण उसके शब्द व स्मरणशक्ति विफल हो जाते हैं।

Question 3.
How has Narayan portrayed village life?
नारायण ने ग्रामीण जीवन का चित्रण कैसे किया है?
Answer:
In villages despite hardships of life, people enjoy themselves. Narayan has portrayed such village life.
गाँवों में जीवन की कठिनाइयों के बावजूद भी लोग जीवन का आनंद लेते हैं। ऐसा ग्रामीण जीवन नारायण ने चित्रित किया है।

Question 4.
How old is Nambi?
नाम्बी की उम्र क्या है?
Answer:
Nambi is a very old man. However, there is no idea about his exact age.
नाम्बी एक बहुत वृद्ध व्यक्ति है। लेकिन उसकी उम्र के बारे में निश्चित रूप से कुछ भी नहीं कहा जा सकता है।

Question 5.
What is the frequency with which Nambi can create a story and how long does his narration last?
नाम्बी किस दर से कहानियाँ बना सकता है और उसका वर्णन कितना लम्बा होता है?
Answer:
Nambi can create stories at the rate of one story a month and a story takes nearly ten days to narrate.
नाम्बी एक कहानी प्रति माह की दर से बना सकता है और एक कहानी के वर्णन में लगभग दस दिने लग जाते हैं।

Question 6.
Where does Nambi live?
नाम्बी कहाँ रहता है?
Answer:
Nambi lives in a small temple in Somal village.
नाम्बी सोमल गाँव में एक छोटे से मंदिर में रहता है।

Question 7.
Why does Nambi say, ‘…..Age, age. What is my age? It has come on suddenly?”
नाम्बी क्यों कहता है, ‘…..उम्र, उम्र। मेरी उम्र क्या है? यह अचानक आ गई?’
Answer:
Nambi says so because he himself doesn’t know how old he really is.
नाम्बी ऐसा इसलिए कहता है क्योंकि वह स्वयं नहीं जानता कि वास्तव में उसकी उम्र क्या है।

(C) Answer the following questions in about 20-30 words each :

Question 1.
How do the villagers look upon Nambi? What is their opinion of the man?
गाँव वाले नाम्बी को कैसे देखते हैं? उस व्यक्ति के विषय में उनका क्या विचार हैं?
Answer:
For the village people Nambi is a sort of miracle who entertains them. They. consider him a wise man so they quote his words of wisdom. They themselves take care of him.
उन गाँववालों के लिए नाम्बी एक चमत्कार की तरह है जो उनका मनोरंजन करता है। वे उसे बुद्धिमान मानते हैं इसलिए उसके बुद्धिमानीपूर्ण शब्दों को उदाहरणार्थ प्रयोग करते हैं। वे स्वयं ही उसकी देखभाल (परवाह) करते हैं।

Question 2.
Describe Nambi’s daily routine and the ritual performed on Friday evenings.
नाम्बी की दिनचर्या का और शुक्रवार सांयकाल किये गये धार्मिक अनुष्ठान का वर्णन करिए।
Answer:
Nambi spent most of the day under banyan tree. When he felt hungry he walked into any house. On Friday evenings, he lit the mud lamps, offered fruits and flowers to the goddess.
नाम्बी दिन का अधिकांश समय बरगद के वृक्ष के नीचे व्यतीत करता था। जब भूख लगती थी तो किसी भी घर में चला जाता था। शुक्रवार सांयकाल वह मिट्टी के दीये जलाता था, माता को फल व फूल अर्पित करता था।

Question 3.
Describe the second day of Nambi’s failure to tell the story.
दूसरे दिन नाम्बी की कहानी कहने की असफलता का वर्णन करिए।
Answer:
The second day Nambi went on narrating the story for an hour without a stop. Soon he felt dried up, struggled hard, stammered and at last failed to continue the story.
दूसरे दिन नाम्बी बिना रुके एक घण्टे तक कहानी सुनाता रहा। शीघ्र ही उसने खुश्की अनुभव की, कठिन प्रयास किया, शब्द लड़खड़ा गए और अंततः वह कहानी जारी रखने में असफल रहा।

Question 4.
Describe Nambi’s life after he stops telling stories. Do the villagers reject him?
कहानियाँ सुनाना बंद कर देने के बाद नाम्बी के जीवन का वर्णन करिए। क्या गाँववासी उसको अस्वीकार कर देते हैं?
Answer:
After that Nambi stayed in the temple only. When he felt hungry, he walked into any cottage and silently sat down for food. The villagers never rejected him.
उसके बाद नाम्बी मंदिर में ही रहता था। जब भूख लगती तो किसी की भी झोपड़ी में चला जाता और शान्तिपूर्वक भोजन के लिए बैठ जाता। गाँव वालों ने उसे कभी भी अस्वीकार नहीं किया।

(D) Answer the following questions in abut 60-80 words each:

Question 1.
How does Nambi announce that he has a tale ready? Describe the congregation of villagers and the style of Nambi’s narration.
नाम्बी कैसे घोषणा करता है कि उसके पास एक कहानी तैयार है? गाँववासियों की सभा और नाम्बी के वर्णन करने के तरीके का वर्णन करिए।
Answer:
On the nights he has a story to tell, he lights a small lamp and places it in a niche in the trunk of the banyan tree. Villagers while returning home in the evening see this, go home and tell this to their family. Soon all villagers : men, women and children gather under the banyan tree. Nambi narrates his story in a realistic way. It is in form of an anecdote and has epic like quality. He even sings the songs as a part of his epic story. One story goes on for several days in the form of an episode every night.

जिस रात्रि को उसे कहानी सुनानी होती है, वह बरगद के पेड़ के तने के एक छेद में एक छोटा सा दिया जलाकर रख देता है। सायंकाले घर लौटते समय उसे देखकर ग्रामीण घर जाकर अपने परिवार कों इस विषय में बताते हैं। शीघ्र ही पुरुष, महिलाएँ, बच्चे सभी ग्रामीण बरगद के पेड़ के नीचे इकट्ठे हो जाते हैं। नाम्बी अपनी कहानी सच्ची घटना के रूप में सुनाता है। वह किस्से के रूप में होती है और उसमें महाकाव्य जैसी विशेषताएँ होती हैं। वह अपनी उस बड़ी कहानी के अंश के रूप में गीत भी गाता है। एक कहानी प्रत्येक रात्रि को एक कड़ी के रूप में कई दिन तक चलती है।

Question 2.
Draw a character sketch of Nambi.
नाम्बी का चरित्र-चित्रण करिए (लिखिए)
Answer:
Character sketch of Nambi A simple man : Nambi was an old man. He was a simple man who lived in a small temple in Somal village. A self-satisfied man : He hardly ever had to go out in search of company. He was without possessions. He had just a broom, a couple of dhoties and upper cloth. When he felt hungry, he walked into any cottage.. A wonderful storyteller : He entertained the villagers by telling wonderful stories. He could create stories at the rate of one a month and each story took nearly ten days to narrate. An important figure : Nambi was an important figure for the villagers. They considered him as a wise man.

एक साधारण व्यक्ति–नाम्बी एक वृद्ध व्यक्ति था। वह एक सादगीपूर्ण आदमी था जो सोमल गाँव में एक छोटे से मंदिर में रहता था। एक आत्म संतुष्ट व्यक्ति-उसे शायद ही कभी कोई संगत तलाश करनी पड़ी हो। उसके पास कोई भी कीमती वस्तु नहीं थी। उसके पास सिर्फ एक झाड़, दो धोती और ऊपरी वस्त्र थे। उसे जब भूख लगती तो किसी भी झोंपड़ी में चला जाता।। एक आश्चर्यजनक कहानी कहने वाला-वह अपनी आश्चर्यजनक कहानियों से गाँववासियों का मनोरंजन करता था। वह महीने में एक की दर से कहानी बना सकता था और एक कहानी को सुनाने में लगभग दस दिन लग जाते थे। एक महत्वपूर्ण व्यक्ति-नाम्बी गाँव वालों के लिए एक महत्त्वपूर्ण व्यक्ति था। वे उसे एक बुद्धिमान व्यक्ति मानते थे।

(E) Say whether the following statements are True or False. Write ‘T’ for True and ‘F’ for False in the brackets :

  1. The story ‘Under the Banyan Tree’ gives a graphic description of the village Somal. [ ]
  2. Nambi is a storyteller. [ ]
  3. “What is the lamp for when all the oil is gone” is a statement spoken to the villagers by Nambi. [ ]
  4. After Nambi stops telling stories, he takes to begging. [ ]
  5. After Nambi stops telling stories, his life becomes restless. [ ]

Answer:

  1. T
  2. T
  3. T
  4. F
  5. F

RBSE Class 9 English Gems of Fiction Chapter 7 Under the Banyan Tree Additional Questions

RBSE Class 9 English Gems of Fiction Chapter 7 Under the Banyan Tree Short Answer Type Questions

Answer the following questions in about 20-30 words each :

Question 1.
How has the author portrayed Somal village?
लेखक ने सोमल गाँव को किस प्रकार चित्रित , किया है?
Answer:
Somal village is located in the forest of Mempi. Its water tank serves for drinking, bathing and washing cattle. It has population less than three hundred.
सोमल गाँव मेम्पी के जंगल में बसा हुआ है। उसका पानी का तालाब पीने, नहाने व मवेशियों को नहलाने हेतु पानी उपलब्ध कराता है। इसकी आबादी तीन सौ से कम है।

Question 2.
Who was Mari ? And why did he apologize Nambi ?
मरी कौन था? और उसने नाम्बी से क्षमा याचना क्यों की?
Answer:
Mari was Nambi’s friend and blacksmith by profession. He apologized Nambi on behalf of the audience who had left the place when Nambi could not recontinue the story till midnight.
मरी नाम्बी का मित्र था जो कि एक लोहार था। उसने नाम्बी से उन श्रोताओं की ओर से क्षमा याचना की जो कि वहाँ से तब उठ कर चले गये थे जब मध्य रात्रि तक (भी) नाम्बी कहानी को पुनः जारी कर पाने में समर्थ न हो सका।

Question 3.
Why did the village folk consider Nambi a sort of miracle ?
गाँव के लोग नाम्बी को एक प्रकार का चमत्कार क्यों मानते थे?
Answer:
Nambi could make the stories at the rate of one a month. He never repeated the same kind of story or brought in the same set of persons so they considered him a sort of miracle.
नाम्बी महीने में एक कहानी की दर से कहानियाँ बना सकता था। वह एक ही प्रकार की कहानी को पुनः कभी नहीं सुनाता था या एक ही प्रकार की विषय-वस्तु या चरित्रों का भी प्रयोग नहीं करता था इसलिए गाँव के लोग उसे एक चमत्कार जैसा मानते थे।

Question 4.
What was Nambi’s reaction to see just a handful audience there ?
वहाँ सिर्फ चन्द (बहुत थोड़े) श्रोताओं को देखकर नाम्बी की क्या प्रतिक्रिया हुई?
Answer:
When Nambi saw there just a handful audience, he asked them, “Where are others?” He said, “I would not tell the story today, nor tomorrow unless the whole village comes here.”
जब नाम्बी ने वहाँ सिर्फ चन्द (मुट्ठीभर/बहुत थोड़े) श्रोताओं को ही देखा तो उसने उनसे पूछा, “और लोग कहाँ हैं?” वह बोला, “मैं आज कहानी नहीं सुनाऊँगा, और जब तक कि सारा का सारा गाँव यहाँ नहीं आ जाता, मैं कल भी कहानी नहीं सुनाऊँगा।”

RBSE Class 9 English Gems of Fiction Chapter 7 Under the Banyan Tree Long Answer Type Questions

Answer each of the following questions in about 60-80 words :

Question 1.
How did the village folk react while listening to Nambi’s stories ?
नाम्बी की कहानियों को सुनते समय गाँव वाले किस प्रकार प्रतिक्रिया करते थे?
Answer:
The villagers laughed with Nambi, they wept with him, they adored the heroes, cursed the villains, groaned when the conspirator had initial success. And they sent up to the gods a heartfelt prayer for a happy ending of the story. On the day when the story ended, the whole gathering went into the sanctum and prostrated before the goddess.

गाँव वाले नाम्बी के साथ हँसते थे, उसके साथ रोते थे, नायकों को अत्यधिक प्रेम व सम्मान देते थे, दुष्टों को कोसते, जब षडयंत्रकारी को अपनी आरंभिक सफलता मिलती तो कराहते थे। और कहानी के सुखद अंत (सुखांत) के लिए हृदय से ईश्वर को धन्यवाद करते थे। जब कहानी का अंत (सुखांत) होता तो सारी भीड़ मन्दिर के गर्भगृह में जाती और माता के सामने साष्टांग दण्डवत् प्रणाम करती।

Question 2.
Explain the appropriateness of the title ‘Under the Banyan Tree.’
शीर्षक ‘बरगद के वृक्ष के नीचे’ की उपयुक्तता का वर्णन करिए।
Answer:
The title “Under the Banyan Tree’ is quite appropriate because the banyan tree is the pivot of the lesson. Nambi, the main character of the lesson spends most of his time under the banyan tree. Banyan shade serves as a clubhouse for the village folk. Nambi entertains people by telling his stories under the tree. The banyan tree exists in the lesson from the beginning to the end.

शीर्षक ‘बरगद के वृक्ष के नीचे’ एकदम उपयुक्त है क्योंकि यह (बरगद) पाठ का केद्रबिंदु है। नाम्बी जो कि इस पाठ में मुख्य पात्र है वह अपना अधिकांश समय इस वृक्ष के नीचे ही व्यतीत करता है। बरगद का वृक्ष इस गाँव के लोगों के लिए मनोरंजन के स्थल के रूप में काम करता है। नाम्बी इसी बरगद के नीचे अपनी कहानियाँ सुनाकर लोगों का मनोरंजन करता है। बरगद का यह वृक्ष पाठ में आरंभ से लेकर अंत तक उपस्थित (बना) रहता है।

Word-meanings and Hindi Translation

The village …………………………………. villages.(Pages 36-37)

Word-meanings : nestling (नेस्लिंग) = पनाह या शरण लिए हुए। tracts (ट्रेक्ट्स ) = regions, क्षेत्र। bred (ब्रेड) = पनपाता था, फैलाता था। sprawled (स्पॉल्ड) = अव्यवस्थित रूप से फैली हुई थी। wriggled (रिगल्ड) = घूमती थीं। up and down = विषम रूप से। strangled (स्टैंगल्ड) = काटती थीं। refuse (रिफ्यूज) = कचरा। stagmated (स्टैग्नेटिड) = जमा रहता था। puddles (पडल्ज़) = गड्ढे। likely (लाइक्लि) = सम्भवतः। insensitive (इन्सेन्सिटिव) = असंवेदनशील, लापरवाह। perpetual (प:पेच्यूअल) = सतत, निरंतर। enchantment (इन्चैण्ट्मण्ट) = आकर्षण, आनंद। enchanter (इन्चैन्टर) = जादूगर। reckoning (रेकनिंग) = गणना, अनुमान। famine (फेमाइन) = अकाल। invasion (इनवेज़न) = आक्रमण। regard (रिगा:ड) = मानना। sanctum (सेंक्टम) = मंदिर का आंतरिक कक्ष जहाँ मूर्ति रखी होती है, गर्भगृह। aught (ऑट) = कुछ, किसी भी प्रकार से। squatted (स्क्वॉटिड) = पाल्थी लगाकर बैठते थे। anecdote (ऐनेक्डोट) = किस्सा। sourly (सा:र्लि) = रुखेपन से, चिड़चिड़ेपन से। stray (स्ट्रे) = (यहाँ) अचानक आ जाने वाला विचार। threshold (ऐशहोल्ड) = चोखट। sanctuary (सेंक्चुअरि) = गर्भगृह।

हिन्दी अनुवाद-मेम्पी के वन क्षेत्र में पनाह लिए हुए गाँव सोमल की आबादी तीन सौ से भी कम थी। यह हर प्रकार से ऐसा गाँव था जो किसी भी ग्राम सुधारक के हृदय को द्रवित कर देने वाला था (अत्यन्त पिछड़ा होने के कारण)। इसका तालाब, जो पानी का एक छोटा विस्तार था और गाँव के ठीक बीचों-बीच था, पीने, नहाने और मवेशियों को नहाने हेतु जल उपलब्ध कराता था और मलेरिया, टायफायड और ईश्वर(ही) जानता था कि और क्या-क्या पनपाता था। झोंपड़ियाँ ऐसे ही अव्यवस्थित रूप से फैली हुई थी पर गलियाँ विषम रूप से कहीं भी मुड़ती थीं, घूमती थीं और एक-दूसरे को काटती थीं। आबादी राजमार्ग को कचरा डालने के स्थान के रूप में प्रयोग करती थी और प्रत्येक घर के पिछवाड़े में नाली का पानी हरे (काई युक्त) गड्ढे में जमा रहता था। ऐसा था यह गाँव। सम्भावना है कि गाँववासी असंवेदनशील (लापरवाह) थे लेकिन सम्भावना से अधिक यह है कि उन्होंने अपने चारों ओर के परिवेश पर कभी ध्यान ही नहीं दिया क्योंकि वे एक प्रकार के निरंतर आनंद में रहते थे। वह जादूगर (आकर्षित करने वाला) था नाम्बी, कहानियाँ सुनाने वाला। वह लगभग साठ या सत्तर वर्ष का आदमी था। या वह अस्सी का था या एक सौ अस्सी का? कौन बता सकता था? सोमल जैसे अलग-थलग पड़े स्थान पर (निकटतम बस अड्डा दस मील दूर था) अनुमान शायद समय के जाने-पहचाने तरीकों (पुराने) द्वारा ही हो सकता था। नाम्बी से यदि कोई पूछता था कि उसकी उम्र क्या थी तो वह किसी प्राचीन अकाल या किसी आक्रमण या किसी पुल के बनने (निर्माण) को इंगित करता और संकेत देता कि उस समय वह जमीन से कितना ऊँचा होता था (अपनी ऊँचाई/लंबाई द्वारा उम्र बताने का प्रयास करता)। वह अशिक्षित था, इस अर्थ में कि लिखित शब्द उसके लिए एक रहस्य था; लेकिन वह अपने दिमाग में महीने में एक की दर से कहानियाँ बना सकता था; प्रत्येक कहानी को सुनाने (वर्णन करने) में लगभग दस दिन लग जाते थे। उसका घर वह छोटा-सा मंदिर था जो गाँव के एकदम अंत (आखिरी छोर) में था। कोई नहीं बता सकता था कि कैसे वह स्वयं को मंदिर का स्वामी मानने लगा था। वह मंदिर एक बहुत छोटा सा ढाँचा था जिसकी दीवारों पर लाल रंग की धारियाँ थी; उसके अंदर के पवित्र कक्ष (गर्भगृह) में पत्थर पर देवी शक्ति की मूर्ति/प्रतिमा बनी हुई थी। मंदिर का अग्रभाग नाम्बी का घर था। उसका घर कोई भी स्थान हो सकता था; क्योंकि उसके पास कोई भी मूल्यवान वस्तु नहीं थी। उसके पास जो कुछ भी था वह था-एक झाड़ जिससे वह मंदिर की सफाई करता था; और पहनने के लिए दो धोतियाँ व ऊपर के वस्त्र थे। वह दिन का अधिकांश समय बरगद के उस वृक्ष के नीचे गुजारता था जिसकी शाखाएँ मंदिर के सामने फैली हुई थीं। जब उसे भूख लगती तब वह किसी भी घर में चला जाता जो उसके दिमाग में आता और वहीं रात्रिभोज में उस पविार के साथ शामिल हो जाता। जब उसे नये वस्त्रों की आवश्यकता होती तो वे उसके लिए गाँव वालों द्वारा आ जाते। उसे शायद ही कभी किसी का साथ ढूँढ़ने के लिए जाना पड़ता था; क्योंकि बरगद का वह वृक्ष गाँव वालों के लिए क्लब हाउस (मनोरंजन के स्थान) का काम करता था। दिन भर लोग (वहाँ) नाम्बी का साथ पाने के लिए आते और वृक्ष के नीचे पालथी लगाकर बैठ जाते। यदि उसका मन होता तो वह उनकी बातें सुनता और अपने – स्वयं के अनुभवों और किस्सों से उनका मनोरंजन करता था। जब उसका मन नहीं होता था तब वह वहाँ आने वालों को चिड़चिड़ी नज़रों से देखता रहता और पूछता, ‘तुम्हें क्या लगता है मैं कौन हूँ? मुझे दोष मत देना यदि तुम्हें अगली शाम कोई कहानी सुनने को ना मिले तो। यदि मैं ध्यान न लगाऊँ (चिंतन) तो देवी मुझे (मेरे मस्तिष्क या कल्पना माता। को) कोई कहानी कैसे दे सकती है? क्या तुम सोचते हो कि कहानियाँ हवा में तैरती हैं?’ और वह बाहर जंगल (वन) के किनारे पर आ जाता और वृक्षों में ध्यान लगाते हुए (वृक्षों को ध्यान से देखते हुए) वहाँ पालथी लगाकर बैठ जाता। प्रत्येक शुक्रवार की शाम गाँव वाले उस मंदिर में पूजा के लिए आते थे, जब नाम्बी मिट्टी के बीस दीपक जलाता था और उन्हें मंदिर के गर्भग्रह की चौखट के चारों ओर लगा देता था। वह मंदिर के पीछे वाले प्रांगण में उगने वाले जंगली (प्राकृतिक) फूलों से प्रतिमा (मूर्ति) का श्रृंगार करता था व पुजारी की तरह कार्य करता था और देवी को गाँववासियों द्वारा लाए गए फल व फूल अर्पित करता था।

On the nights …………………………………. palace …………………………………., (Page 37)

Word-meanings-niche (निच) = छोटा सा खोखला स्थान, छोटा आला। crept up (कैप्ट अप) = धीरे-धीरे पहुँचता था। ablaze (अब्लज़) = चमकती हुआ। vermilion (व:मिलयन) = सिंदूर। opened (ओपन्ड) = शुरु करता था। jerking (ज:किंग) = झटके से इशारा करते हुए। vague (वेग) = अस्पष्ट। destination (डेस्टिनेइशन) = मंजिल, स्थान। a stone’s throw = पास ही, कुछ ही दूरी पर। weed (वीड) = जंगली वनस्पति, खरपतवार। waste (वेस्ट) = ऊसर, बंजर भूमि। dazzling (डैज़लिंग) = चकाचौंध या आश्चर्यचकित करने वाला। vassal (वैसल) = जमीन के बँटाईदार।

हिन्दी अनुवाद-जब किसी रात्रि को उसे एक कहानी सुनानी होती थी, वह एक छोटा दीया जलाकर उसे बरगद के वृक्ष के तने में बने एक छेद (आले) में रख देता था। गाँव वाले जब शाम को अपने घरों को वापिस आते थे, वे यह देखते थे, घर जाते थे और अपनी-अपनी पत्नियों से कहते थे, ‘अब, अब, जल्दी भोजन तैयार करो, कहानी सुनाने वाला हमें बुला रहा है।’ जैसे ही चंद्रमा पहाड़ी के पीछे पहुँचता पुरुष, महिलाएँ और बच्चे उस बरगद के वृक्ष के नीचे इकट्ठे हो जाते। कहानी सुनाने वाला अभी तक नहीं आता था। वह गहन चिंतन में आँखें बन्द किए गर्भगृह में देवी के सामने बैठा रहता था। वह जब तक चाहता तब तक ऐसे ही बैठा रहता और जब बाहर आता तो उसके माथे पर भस्म और सिंदूर चमक रहा होता, और वह मंदिर के सामने एक पत्थर के चबूतरे पर बैठ जाता। वह कहानी एक प्रश्न से आरंभ करता। अपनी उंगली को एक अस्पष्ट, बहुत दूर स्थान की ओर झटका (संकेत) देते हुए वह पूछता, ‘एक हजार वर्ष पूर्व उस दिशा में बस कुछ ही दूरी पर, आपको क्या लगता हैं वहाँ क्या था? वह गधों के लेटने के लिए खरपतवार से ढका ऊसर नहीं था जो अब है, वह राख का गड्डा नहीं था जो अब है। वह अमुक राजा की राजधानी था…..।’ राजा दशरथ, विक्रमादित्य, अशोक या कोई और जो भी उस वृद्ध के सिर (दिमाग) में आता, हो सकता था; राजधानी को कपिला, क्रिडापुरा या कुछ और कहा जाता था। आरंभ करने के बाद तीन घण्टों तक वह बूढ़ा आदमी जरा भी रुके बिना बोलता रहता था। तब तक एक-एक ईंट करके राजा का महल खड़ा (तैयार) हो जाता। वह बूढ़ा आदमी आश्चर्यचकित कर देने वाले उस दरबार के कक्ष का वर्णन करता जिसमें सौ बंटाईदार राजा, मंत्री और प्रजाजन बैठते थे; महल के एक अन्य हिस्से में दुनियाभर के सारे संगीतज्ञ एकत्रित होते और गाते थे; और अधिकांश गीत फिर नाम्बी द्वारा अपने श्रोताओं के लिए गाए जाते; और वह विस्तार से उन तस्वीरों (चित्रों) और ट्रॉफीज (सम्मानों/ पुरस्कारों) के विषय में वर्णन करता जो कि महल की दीवारों पर टंगे थे।

It was …………………………………. drab. (Pages 37-38)

Word-meanings-epic scale (एपिक स्केल) = महाकाव्य की तरह विस्तारपूर्ण/बड़ीं। abruptly (अब्रटिल) = अचानक से। babble (बैब्ल) = मूर्खतापूर्ण/व्यर्थ/अस्पष्ट बातें। jostled (जॉसल्ड) = भीड़ में धक्का मुक्की करते। exquisite (एक्स्क्व ज़िट) = सुन्दर, प्रिय। conspirator (कॉन्स्प रेटर) = षडयंत्रकारी। prostrated (प्रॉस्ट्रेटड) = साष्टांग दंडवत हो गये। exalted (इग्जॉल्टिड) = स्थान। lived in an exalted plane of their own = अपनी ही मस्ती में मस्त रहते थे। drab (ड्रैब) = नीरस।

हिन्दी अनुवाद-यह कहानी महाकाव्य जैसी विस्तृत (लम्बी) बनाई जाती थी। प्रथम दिन मुश्किल से ही कहानी का दृश्य/वातावरण बताया जाता और नाम्बी के श्रोताओं को जैसा कि अभी तक कुछ पता भी नहीं होता था कि कहानी में कौन-कौन (पात्र) आ रहे थे। जैसे ही चंद्रमा मेम्पी के जंगल के वृक्षों के पीछे खिसकता (पहुँचता), नाम्बी बोलता, ‘अब दोस्तों, माँ (देवी माँ) कहती है कि आज के लिए इतना ही? वह अचानक उठता, अंदर चला जाता, लेट जाता और भीड़ की मूर्खतापूर्ण बातों (अस्पष्ट बातचीत का शोर) के खत्म होने से बहुत पहले ही सो जाता। दो या तीन दिनों बाद आले में प्रकाश फिर दिखाई देता, और पूरे शुक्ल पक्ष के दौरान बार-बार दिखाई देता। राजा और नायक, दुष्ट और परी जैसी स्त्रियाँ, मनुष्य के रूप में देवता, संत और हत्यारे सब एक-दूसरे के साथ उस संसार में धक्का-मुक्की करते जो कि उस बरगद के वृक्ष के नीचे उत्पन्न किया गया था। नाम्बी की आवाज लय में ऊपर जाती और नीचे आती, और चाँदनी रात और वह समय जादू को पूरा कर लेता। गाँव वाले नाम्बी के साथ हँसते, उसके साथ रोते, वे नायकों को अत्यधिक प्रेम व सम्मान देते, दुष्टों को कोसते, जब षडयंत्रकारी को अपनी आरिम्भक सफलता मिलती तो (वे) कराहने लगते और (कहानी के) सुखांत के लिए हृदय से ईश्वर से प्रार्थना करते…..। जिस दिन कहानी समाप्त होती, सारे लोग गर्भगृह में जाते और देवी के समक्ष साष्टाँग दंडवत होकर प्रणाम करते…। जिस समय तक अंगला चाँद पहाड़ी से झाँकता, नाम्बी अपनी एक और कहानी के साथ तैयार होता था। वह एक ही प्रकार की कहानियाँ कभी भी दोहराता नहीं था या उन्हीं लोगों (पात्रों) के साथ नहीं बनाता था, और गाँव वाले नाम्बी को एक प्रकार का चमत्कार मानते थे, उसकी बुद्धिमानी की बातों के उदाहरण दिया करते थे और कुल मिलाकर वे अपनी मस्ती में मस्त रहते थे, यद्यपि अन्य सभी दृष्टिकोणों से उनका जीवन कठिन और नीरस था।

And yet …………………………………. also gone? (Page 38)

Word-meanings-lit (लिट) = जलाया। could not get beyond it = इसके आगे वह न बोल सका। trailed off (ट्रेल्ड आफ) = धीरे-धीरे कमजोर होकर मुझ जाना, भटक जाना। अस्पष्ट। mumble (मम्बल) = बड़बड़ाना। pathetically (पैथेटिकलि) = करुणापूर्वक। stumble (स्टम्बल) = गलती या भूल करना। falter (फॉल्टर) = लड़खड़ाना, हकलाना। shut up = चुप रहो। presently (प्रजेन्टलि) = अभी। utter (अट्-टर) = पूर्ण, एकदम। eager (ईगर) = उत्सुक। flared up (फ़्लेअर्ड अप) = क्रोधित हो गया। tumbler (टम्ब्लर) = गिलास। edge (ऐज) = किनारे। realized (रिअलाइज्ड) = महसूस किया। cogently (कोजेट्लि) = विश्वसनीय रूप से। blacksmith(ब्लैकस्मिथ) = लोहार।

हिन्दी अनुवाद-और तो भी ऐसा चलते-चलते वर्षों हो गये थे। एक दिन दोपहर में उसने वृक्ष में दीया जलाया। श्रोतागण आये। उस बूढ़े आदमी ने अपना स्थान ग्रहण किया और कहानी आरम्भ की। ‘…..जब राजा विक्रमादित्य जीवित थे, उनका मंत्री था…..’ वह थोड़ा रुका। इसके आगे वह नहीं बोल सका। उसने कहानी पुनः शुरू की। एक राजा था…… वह बोला, इसे दोहराया, और फिर उसके शब्द (जुबान से) भटक कर अस्पष्ट बड़बड़ाहट में बदल गये। ‘मुझे क्या हो गया है?’ उसने करुणापूर्वक पूछा। ‘ओह, माता, महान माता, मैं भूल और लड़खड़ा (हकला) क्यों रहा हूँ? मैं कहानी जानता हूँ। एक क्षण पूर्व मुझे यह पूरी स्मरण थी। यह किसके बारे में थी? मुझे समझ में नहीं आ रहा कि क्या हो गया है?’ उसके शब्द लड़खड़ाने लगे और वह इतना दयनीय लग रहा था कि उसके श्रोता कहने लगे, ‘आप आराम से कहो। आप शायद थके हुए हैं?’ ‘चुप रहो!’ वह चिल्लाया! क्या मैं थका हुआ हूँ? एक पल रुको; मैं अभी तुम्हें कहानी सुनाऊँगा।’ इसके बाद एकदम खामोशी छा गयी। उत्सुक चेहरे उसकी ओर देखने लगे। ‘मुझे मत देखो!’ वह क्रोधित हो गया। किसी ने उसे एक गिलास दूध दिया। श्रोता धैर्यपूर्वक इन्तजार करने लगे। यह एक नया अनुभव था। कुछ लोग अपनी सहानुभूति जोर से अभिव्यक्त करने लगे। कुछ लोग आपस में बातचीत करने लगे। जो लोग भीड़ में बाहर (किनारे) की ओर बैठे थे, वे चुपचाप (वहाँ से) निकल लिये। जैसे-जैसे मध्य रात्रि होने लगी, धीरे-धीरे अन्य लोगों ने भी ऐसा ही किया। नाम्बी जमीन पर नजरें गड़ाए बैठा रहा, उसका सिर विचार में झुका हुआ था। पहली बार उसने महसूस किया कि वह बूढ़ा हो गया था। उसने महसूस किया कि अब वह अपने विचारों को कभी भी अधिक नियंत्रित और विश्वसनीय रूप से अभिव्यक्त नहीं कर पायेगा। उसने ऊपर देखा। उसके मित्र लोहार मरी के अतिरिक्त सभी जा चुके थे। ‘मरी, तुम भी क्यों नहीं चले गये?’

Mari …………………………………. meditation. (Pages 38-39)

Word-meanings-apologized (अपालोजाइज्ड) = क्षमायाचना की। tire (टायर) = थकाना। make it up = पूरा करना। disobedient (डिसआबीडिएण्ट) = अवज्ञाकारी। treacherous (ट्रैचरस्) = विश्वासघाती। fervently (फ़:वेट्लि ) = उग्रतापूर्वक या उत्साहपूर्वक। desert (डिज़ :ट) = छोड़ना। brooding (ब्रूडिंग) = चिंतन करते हुए। mope (मॉप)= ऊँघना। dwindle (विन्ड्ल ) = कम होना। premature (प्रीमैच्योर) = अपरिपक्व। harrowed (हरोड) = परेशान। sanctum (सैन्कटम) = पवित्र स्थान, मंदिर।

हिन्दी अनुवाद-मरी ने बाकी सबकी ओर से क्षमा याचना की : वे आपको थकाना नहीं चाहते थे; इसलिये वे सब चले गये हैं। नाम्बी उठ खड़ा हुआ। ‘तुम ठीक कहते हो। इसे मैं कल पूरा करूँगा। उम्र, उम्र। मेरी क्या उम्र है? यह (वृद्धावस्था) अचानक आ गयी है?’ उसने अपने सिर की ओर संकेत किया और बोला, “यह (उम्र) कहती है, ‘वृद्ध मूर्ख, यह मत सोचो कि मैं अभी और तुम्हारी सेवक बनकर रहूँगी। अब से तुम मेरे सेवक होगे?’ यह अवज्ञाकारी और विश्वासघाती है।” अगले दिन उसने आले में दीया जलाया। भीड़ विश्वासपूर्वक बरगद के नीचे एकत्रित हो गयी। नाम्बी ने वह पूरा दिन ध्यान करने में व्यतीत किया था। वह देवी माँ से उसे अकेला नहीं छोड़ने के लिए उत्साहपूर्वक प्रार्थना करता रहा था। उसने कहानी आरंभ की। वह बिना रुके एक घण्टे तक कहता रहा। उसने बड़ी राहत का अनुभव किया, इतना अधिक कि उसने अपनी कहानी के वर्णन के दौरान ही रुककर कहा, ‘ओह मित्रों। माँ हमेशा दयालु रहती हैं। मैं एक मूर्खतापूर्ण भय में फंस गया था…..?’ और कहानी (फिर) जारी रखी। कुछ ही मिनट में उसने (गले में) खुश्की अनुभव की। उसने बहुत प्रयास किया : ‘और फिर ….और फिर…..क्या हुआ?’ वह हकलाने लगा (शब्द लड़खड़ाने लगे)। इसके बाद विराम (रुकावट) एक घण्टे तक चला (एक घण्टे तक चुप्पी रही)। श्रोता बिना एक भी शब्द बोले उठे और घर चले गये। वह बूड़ा आदमी मुर्गे के बांग देने के समय तक पत्थर पर बैठा चिंतन करता रहा। ‘इसके लिये मैं उन्हें दोष नहीं दे सकता?’ वह स्वयं में ही बुदबुदाया। ‘क्या वे यहां सारी रात बैठकर ऊँघ सकते हैं?’ दो दिनों बाद उसने उस कहानी की एक और किश्त दी, और वह भी सिर्फ कुछ मिनट तक चली। भीड़ कम होने लगी। आले में रखे दीये पर पहले से कम लोग ध्यान देने लगे। वे भी मात्र एक कर्त्तव्य बोध को महसूस करके आते थे। नाम्बी ने महसूस किया कि संघर्ष (प्रयास) को और अधिक लम्बा खींचने का कोई अर्थ नहीं था। उसने कहानी का अंत आने से पहले ही उसका तीव्र गति से अपरिपक्व अंत कर दिया। वह जानता था कि क्या हो रहा था। वह अपनी असफलता के विचारों से परेशान था। ‘मैं अधिक खुश होता यदि वर्षों पहले मेरी मृत्यु हो गई होती,’ उसने स्वयं से कहा। ‘माता, आपने मुझे गूंगा क्यों कर दिया….?’ उसने स्वयं को मुख्य मंदिर में बंद कर लिया, वह मुश्किल से ही कुछ खाता था, और दिन का अधिकांश समय बिना हिले-डुले एक ही स्थान पर बैठकर चिंतन करने में व्यतीत करता था।

The next moon …………………………………. silence.(Pages 39-40)

Word-meanings-handful (हैण्डफल) = मुट्ठीभर। tale (टेल) = कहानी। regained (रीगेन्ड) = पुनः प्राप्त किया। dotard (डोट्-अर्ड) = अति वृद्ध व्यक्ति/वृद्धावस्था के कारण अति क्षीण। struck dumb (स्ट्रक डम) = गूंगा। jasmine (जैस्मिन) = चमेली का फूल। weary (वीअरि) = पकाऊ, उबाऊ। consummate (कॉन्समट) = पूर्ण।

हिन्दी अनुवाद-पहाड़ी के ऊपर अगला चाँद झाँका (निकल आया), नाम्बी ने आले में दीया जलाया। गाँव वाले घर लौटे तो (रास्ते में) उन्होंने उस दीये को देखा, लेकिन रात्रि को सिर्फ मुट्ठीभर (मात्र कुछ ही) लोग ही वहाँ पहुँचे। ‘और लोग कहाँ हैं?’ उस बूढ़े आदमी ने पूछा। ‘हमें इन्तजार करना चाहिए?’ उसने इन्तजार किया। चंद्रमा ऊपर चढ़ आया। उसके मुट्ठीभर श्रोताओं ने धैर्यपूर्वक इन्तजार किया। और फिर वह बूढ़ा आदमी बोला, ‘आज मैं कहानी नहीं सुनाऊँगा, और ना ही कल सुनाऊँगा यदि सारा का सारा गाँव यहाँ नहीं आता है तो। मैं कह देता हूँ। यह एक ताकतवर कहानी है। प्रत्येक व्यक्ति को इसे सुनना ही होगा।’ अगले दिन वह गाँव की गली में इधर से उधर तेज आवाज में चिल्लाता हुआ गया। ‘आज रात को सुनाने के लिए मेरे पास सबसे ज्यादा आश्चर्यजनक (अद्भुत) कहानी है। प्रत्येक व्यक्ति आये; इस अवसर को गंवाना मत…..।’ इस व्यक्तिगत अनुरोध का बहुत असर हुआ। रात्रि को बरगद के नीचे बहुत भीड़ जमा हुई। वे लोग खुश हुए कि कहानी वर्णनकर्ता ने अपनी शक्तियाँ फिर से प्राप्त (हासिल) कर ली हैं। जब सब लोग बैठ गये तब नाम्बी मंदिर से बाहर आया और बोला; ‘यह माता ही है जो उपहार देती है; और यही उपहार ले भी लेती है। आयु के कारण नाम्बी अतिक्षीण (दुर्बल स्मृति) है। वह तब बोलता है जब माता को कुछ कहना होता है। जब माता को कुछ नहीं कहना होता है तब वह गूंगा हो जाता है। लेकिन जब चमेली का फूल अपनी सुगंध खो दे तब उसका क्या लाभ? जब दीये का तेल खत्म हो जाये तो दीये का क्या काम? माता धन्य है…..इस पृथ्वी पर ये मेरे अंतिम शब्द हैं; और यह मेरी सबसे महान (अच्छी) कहानी है।’ वह उठा और मुख्य मंदिर में चला गया। उसके श्रोताओं को शायद ही समझ में आया कि उसके कहने का क्या अर्थ था। वे वहाँ तब तक बैठे रहे जब तक कि ऊब (थक) नहीं गये। और फिर उनमें से कुछ उठे और मंदिर में अंदर गये। वहाँ कहानी कहने वाला आँखें बंद किए बैठा था। ‘क्या आप हमें एक कहानी नहीं सुनायेंगे?’ उन्होंने पूछा। उसने अपनी आँखें खोलीं, उन्हें देखा, और अपना सिर हिलाया। उसने अपने भावों से संकेत दिया कि वह अपने अंतिम शब्द (बात) बोल चुका था। जब उसे भूख लगती तो किसी भी झोंपड़ी में चला जाता और खामोशी से भोजन के लिए बैठ जाता, और भोजन करते ही बाहर चला जाता। इससे ज्यादा शायद ही उसकी अपने साथियों से कोई मांग होती थी। उसका शेष सारा जीवन (वह सिर्फ कुछ और वर्ष जीवित रहा) एक पूर्ण खामोशी भरा था।

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